Follow @kReativekrish kReative krish: गुलाब

Thursday, February 27, 2014

गुलाब

गुलाब यादों का, गुलाब बातों का,
गुलाब एहसास का, गुलाब प्यास का,
गुलाब कुर्बतों का, गुलाब फुर्कतो का,
गुलाब ख्वाबों का, गुलाब यादों का,
गुलाब खूबसूरत, गुलाब दिलकश

ये गज़लनुमा गुलाब एक सौगात समझकर रख लेना...

ये ना गुलाबी है तुम्हारे लबों की तरह,
ना ये नर्म है तुम्हारे बदन की तरह,
ना इसकी खुशबू तुम्हारी सांसों से लबरेज़ है,
ना इसमें कोई कशिश है तुम जैसी,
ना इसे अदाएं ही दिखाना आता है तुम्हारी तरह,

मगर एक सौगात है... इसे संजो लेना

कुछ वक्त बाद ये गुलाब सूखे पत्तों में तबदील हो जाएगा,
मेरा अक्स मगर उन सूखे पत्तो में साफ नजर आएगा,
तुम देख लेना जान’,
तुम जो कहती थी ये चार दिन की मोहोब्बत है
मुद्दतों बाद भी ज़िंदगी के सर्द थपेड़ों के बीच,
मेरे गुलाब की गर्माहटट तुम्हे ज़िदा रखेगी,
कुछ अश्क तुमेहारी आंखों से मेरी बेपनाह मोहोब्बत का सबूत देंगे,

एक नया गुलाब खिल उठेगा फिर

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