Follow @kReativekrish kReative krish: .. हो तुम

Thursday, February 27, 2014

.. हो तुम

"मुझे मोहोब्बत की तारीख से फर्क नही पड़ता,
मेरे करीब हो अगर तो वक्त भी तुम... समा भी तुम

मिलन भी होता है तो फकत बिछड़ने के लिए,
ये खुशी भी तुम.. वो सदमा भी तुम

मुझ पर और कितना इख्तियार चाहिए,
अब तो ये शरीर भी तुम.. आत्मा भी तुम...

उनके 'सवालों' का बस यही जवाब है मेरे पास,
कि ये शायरी भी तुम.. ये नगमा भी तुम

'उसका' भी फैसला आएगा कयामत के दिन,
फिल्हाल तो कचहरी भी तुम.. मुकदमा भी तुम...

जो मान लो तो ज़िदगी सौगात है,

वरना खुशनुमा भी तुम... बद्नुमा भी तुम"-

No comments:

Post a Comment

Facebook Badge