बेबाक तेरी अदाओं से है,
तेरी खुशबू में सराबोर हवाओं से है,
बेख़बर तेरे ख्बावों के कारवां से है,
तेरे बेतरतीब बिखरे हुए जहां से है,
तेरी आंखों के आइने में बसे खुद से है,
या मुझे प्यार सिर्फ तुझ से है
अल्लहड़ तेरे बाकपन से है,
अब से है या बचपन से है,
तेरी खुदगर्ज़ी से है.
या मुझे अपनी मर्जी से है,
रूह से है कि बुत से है,
या मुझे प्यार सिर्फ तुझ से है
तेरी खामियों से है,
छोटी-मोटी बेमानियों से है,
तेरी अदावतों से है,
कुछ बगावतों से है
तेरे सच से है तेरे झूठ से है,
या मुझे प्यार सिर्फ तुझ से है

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