खुलकर सांस लो,
रुह को चीखकर जगाओ,
फिर कभी नहीं होगा,
ना ये पल.. ना ये लोग.. ना ये ज़िदगी
अपने होने ना होने का एहसास दिलाओ
बस आज एक दिन और...
ज़िंदा हैं हम-तुम...
खूबसूरत है ये सफर,
ख्वाब खत्म नहीं हुए हैं,
कोशिशें बरकरार हैं,
तो खुलकर जीओ...
बस आज एक दिन और...
शुक्रिया जो साथ दे,
शुक्रिया जो आगे बढ़ चले,
शुक्रिया तजुर्बों का,
शुक्रिया एहसासों का,
शुक्रगुज़ार खुदा का...
बस आज एक दिन और...
कल की उम्मीद है,
कल खूबसूरत होगा,
कल जो बिछड़े हैं वो मिलेंगे,
कल यकीनन बेहतर होगा,
मगर कल तो कल ही होगा,
कल के लिए आज को मत खोने दो...
खुश रहो... तुम भी.. मैं भी...
बस आज एक दिन और...

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