चुनमुन का फूला हुआ पेट देखा,
चेहरे पे नूर सिमटा हुआ था,
पहली बार शादी में साड़ी पहने देखा था उसे,
आज मैक्सी में देखा तो... आंसू झलक उठे.
मै 'नाना' बनूंगा
... ... खबर ही धांसू है,
अरे 'ना ना'.. ये
तो खुशी के आंसू हैं,
अपनी बच्ची मानो कुछ अजूबा हो गई थी,
छुटकी कहती फूल के कुप्पा हो गई थी,
गुब्बारे में जैसे पानी भरा हो,
या हाथ से कोई गेहूं की बोरी को उठा लूं...
जाने कैसा होता होगा ये एहसास भी...
सब खुश हैं... मां भी.... सास भी,
अभी सातवां महीना ही लगा था...
मुन्नी या बाबू... नामकरण पहले ही हो गया था...
...
...
...
नींद खुली.. और आंखों से सपने फरार हुए,
भर गए आंसू...
एक भई खुशी का नहीं था... .
चुनमुन सामने थी.. फूला हुआ पेट लिए...
पिछले साल बलात्कार के करीब 4000 मामले दर्ज हुए...

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