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Thursday, May 26, 2011

aaj lafzo se kuch na keh


आज अपने सारे गुनाहो के धब्बे धोने दे,
मै क्या था मै क्या हूं मुझे याद नही,
मेरी तरह तू भी खुद मे मुझको खोने दे,
आज मेरे दर्द की इंतहां ना पूछ,
बस सिर कंधे पे रखकर रोने दे,
बहुत दिन हो गए सुकूं भरी नींद नही आई,
मुझे अपनी आगोश मे ले ले और सोने दे...
आज अपन सारे गुनाहों के धब्बे धोने दे

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