आज अपने सारे गुनाहो के धब्बे धोने दे,
मै क्या था मै क्या हूं मुझे याद नही,
मै क्या था मै क्या हूं मुझे याद नही,
मेरी तरह तू भी खुद मे मुझको खोने दे,
आज मेरे दर्द की इंतहां ना पूछ,
बस सिर कंधे पे रखकर रोने दे,
बहुत दिन हो गए सुकूं भरी नींद नही आई,
मुझे अपनी आगोश मे ले ले और सोने दे...
आज अपन सारे गुनाहों के धब्बे धोने दे
आज मेरे दर्द की इंतहां ना पूछ,
बस सिर कंधे पे रखकर रोने दे,
बहुत दिन हो गए सुकूं भरी नींद नही आई,
मुझे अपनी आगोश मे ले ले और सोने दे...
आज अपन सारे गुनाहों के धब्बे धोने दे

No comments:
Post a Comment