आज का इंजीनियर
बाल ज़रा से लम्बे हैं, ना जाने क्यों लगते अचम्भे हैं,
शर्ट और टी-शर्ट को मिला कर कुछ पहना है,
बाली पहले लड़कियों का और अब इन लड़को का गहना है,
शॉटगन के जैसा DRAFTER अपने पास है और
सीनातान के कहते हैं हममे कुछ तो खास है,
MATRIX को जाना हमने PVR में देखने के बाद,
चार सप्ली अटक गई तो हर सीन आता है याद,
PRACTICAL FILE और WORKSHOP के बीच,
एक इंजीनियर का क्या हाल होता होगा,
ये सवाल अक्सर आपके ज़हन में आता होगा,
मगर प्रैक्टिकल फाइल के लिए दीदी को मना लेते हैं
नहीं मानी तो गर्लफ्रैंड से बनवा लेते हैं,
वर्कशॉप में हथौड़ा उठाने के ख्याल भर से मन मचलता है,
ATTENDANCE की चिंता नहीं, इनका काम तो PROXY से भी चलता है,
MECHENICAL में तो मानो गर्ल्स की एंट्री ही बंद है,
इनसे कुछ भी पूछो तो कहते हैं उंचे लोगों की ऊंची पसंद है,
हांथो में मोबाइल और कानों में लीड है,
इनका नारा डर के आगे ही तो जीत है,
ये लोग बड़े ही निडर है और किसी से नहीं डरते हैं
एक साथ आठ-आठ सप्ली के फॉर्म भरते हैं,
FINE CLEARANCE की भीड़ में घंटो खड़े रहते हैं,
“ये कॉलेज क्या हमारे फाइन से चलता है,”
बस इतना ही कहते हैं
DATE SHEET के चक्कर में ये नेट पर SEARCH करते हैं,
5 मिनट की सर्च के बाद कहेंगे,
“सर्च छोड़ो CHATING करते हैं,”
पूरे SEM की कड़ी मेहनत के बाद वो घड़ी भी आती है,
जिसमें CHEATING, फर्रे, फट्टे जैसी चीजे समाती हैं,
रात-रात भर EXAMS के बारे में सोचते हैं,
खुद की तैयारी है नहीं पर SMS से दूसरे की तैयारी पूछते हैं,
दोस्ती में यार दोस्त पर्चे फेंक देते हैं,
और ये कभी-कभी द्सरे के ANSWER के साथ,
उसका रोल नं. भी चेप देते हैं,
RESULT देखकर हैरानी में पड़ जाते हैं,
जो पेपर सही गया उसमें फेल और
जिसमें सोते रहे उसमें टॉप कर जाते हैं
इस, तरह से चार साल में एक ENGINEER बन लेता है,
आज का इंजिनियर तो कॉलेज में ही जीवन का हर पाठ पढ़ लेता है
-kReative krish
http://www.facebook.com/pages/KReative-krish-httpbdkismatblogspotcom/219092168111171
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