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Wednesday, August 25, 2010

latest shers

"यूं दोस्ती का झूठा खेल अब खेला नही जाता,

जो महफिलों का आदी हो वो घर अकेला नही जाता,

ये मोहब्बत का दौर ही कुछ ऐसा है,

कि दिल से महफिलों और तनहाइयों का मेला नही जाता..."

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"मै तुमसे ताल्लुकात सारे तोड़ तो दूं,

मगर तुम ये तो कहो के तुम्हे मुझसे कोई अच्छा मिल गया है"

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"ज़िंदगी को जज़िंदादिली से जीना सीख लिया,

अश्को को हंसी के पैमाने में पीना सीख लिया.

कहीं झांक के ना देख ले कोई मेरे इन जज़्बातों को,

इसलिए मैने नज़रों से धोखा देना सीख लिया"

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"अगर दिल तोड़ना था तो ज़रा पहले बता देते,

बेवफाई की हम भी तो तुम्हे पूरी सज़ा देते

तुम बात करते थे हमे दिलबर बनाने की

वफा के नाम पर तुमको खुदा अपना बना देते"


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मेरी आंखों से मेरा गम ना जाने क्यूं छलकता है,

छिपाना चाहता हूं फिर भी रुख से झलकता है

मेरा गम देखकर भी उसे यकीन नही मुझ पर,

मेरा दिलबर मुझे पत्थर ना जाने क्यूं समझता है

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